प्रेमानंद जी महाराज एक अत्यंत प्रसिद्ध संत कथा वाचक और राधा रानी के दिव्य प्रेम में रंगे हुए भजन गायको में से एक है,
उनके भजन भक्तों के हृदय को छू जाते हैं, और राधा कृष्ण के भक्ति में लीन कर देते हैं, जिससे लोग उनके साथ बहुत ही जल्दी जुड़ जाते हैं और अपने आप को कनेक्ट पाते हैं, तो नीचे कुछ महाराज जी के टॉप 5 भजन दिए गए हैं तो आप उन्हें सुनिए देखिए और पढ़िए।
1. बंसी वाले से नैना लड़ा आई रे
भजन की पंक्तियां—
बंसी वाले से नैना लड़ा आई रे
सांवरिया मोसे बोल ना बोले
मन मोरा घबरा आई रे……
भावार्थ — यह भजन राधा रानी की उस अवस्था को दर्शाता है जब उनके नयन श्री कृष्ण से मिलते हैं पर वह उनसे कुछ कहते नहीं, मन की बेचैनी और प्रेम का अद्भुत चित्रण इस भजन में किया गया है तो आप इसे सुनिए पढ़िए और आनंद लीजिए।
2. ठाडे रहियो ओ बांके बिहारी
भजन की पंक्तियां —
ठाडे रहियो ओ बांके बिहारी
जब मैं दर्शन को आऊ
नैना भर – भर देख लूं तुझको
फिर नैना मूंद लाऊं
भावार्थ — यह भजन एक भक्त की भावना को दर्शाता है कि जब वह अपने प्रिय ठाकुर के दर्शन को आए तो वह वहीं खड़े रहे ताकि वह उन्हें निहार सके और अपने नेत्रों में बसा ले, तो यह भजन एक बहुत ही हृदय प्रिय है तो इसे सुनिए पढ़िए और देखिए।
3. जमुना के तीर बैठ के
भजन की पंक्तियां —
जमुना के तीर बैठ के
मनाऊं श्याम को
धीरे-धीरे श्याम आएंगे
और चरणों में लग जाएगा मन
भावार्थ — भक्त श्री कृष्ण को यमुना घाट पर पुकारते हैं, यह भजन श्री कृष्ण के प्रतीक्षा प्रेम और उनके आने की आशा का अद्भुत संगम है तो इस भक्ति भजन को सुनिए अपनों के साथ शेयर कीजिए और आनंद लीजिए।
4. राधा रानी लागे प्यारी
भजन की पंक्तियां—
राधा रानी लागे प्यारी
वृंदावन की दुलारी
श्याम बिना राधा अधूरी
राधा बिना श्याम अधूरे
भावार्थ — यह भजन राधा कृष्ण की अपार प्रेम लीला का गुणगान करता है। दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं राधा रानी की महिमा का सुंदर वर्णन इसमें मिलता है तो आप इस भजन को सुनिए देखिए और अपनों के साथ शेयर कीजिए ताकि एक बहुत ही निर्मल छवि लोगों तक जा सके।
5. श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
भजन की पंक्तियां —
श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम
लोग कहे राधा नाम तेरी बदनाम
फिर भी मुस्कुराए राधा सुनकर यह नाम
भावार्थ — यह भजन राधा के अटूट प्रेम को दर्शाता है समाज की आलोचना के बावजूद राधा कृष्ण के प्रति अपने प्रेम में विश्वाश है भजन प्रेम की पराकाष्ठा को दर्शाता है।
निष्कर्ष —
श्री प्रेमानंद जी महाराज के भजन केवल संगीत नए बल्कि आत्मा की आवाज होती है जो प्रभु साक्षात अपने अंदर से प्रकट करते हैं और अगर आप चाहते हैं हम Daily ऐसे ही ब्लॉग लाते रहे तो आप हमारे वेबसाइड Onlynews1.com पर डेली विजिट करते रहें और भक्ति रिलेटेड कंटेंट पढ़ते रहे अपनों तक शेयर करते रहें राधे-राधे |

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