क्या प्रेमानंद जी महाराज को संस्कृत पढ़ना नहीं आता।

प्रेमानंद जी महाराज के बारे में क्या कह दिया जगतगुरु भद्राचार्य ने

बीते दिन शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर चर्चा हुई जिसमें शुभंकर मिश्रा ने प्रेमानंद जी महाराज के बारे में पूछा तो इस पर जगतगुरु भद्राचार्य जी ने एक थोड़ी तीखी टिप्पणी कर दी उनके मुख से निकला है कि मैं कोई चमत्कार नहीं मानता

जबकि शुभंकर मिश्रा को पूछना चाहिए था कि आपका उनके बारे में क्या विचार है बल्कि उन्होंने पूछा कि खान कर भी आए थे तो उन्होंने बोला वह तो भगवान है तो इस पर जगतगुरु भद्राचार्य थोड़ा तीखा प्रहार कर दिया फिर उन्होंने कहा कि उन्हें संस्कृत नहीं आती है मेरी एक सालों का अर्थ बता दे संस्कृत बोल कर बता दे तो यह आगे के ब्लॉक में पूरा डिटेल समझा दूंगा

प्रेमानंद जी के पास कोई शक्ति है।

जब प्रेमानंद जी के बारे में शुभंकर मिश्रा ने जगतगुरु भद्राचार्य से पूछा की क्या उनके पास कोई शक्ति है क्योंकि प्रेमानंद जी महाराज आज बहुत प्रसिद्ध हो रहे हैं और खान कर भी आए थे उन्होंने उनको भगवान का दर्जा दिया तो इस पर थोड़ी सी टिप्पणी करते हुए महाराज जी ने बोल दिया कि मैं किसी शक्ति को नहीं मानता उनकी दोनों किडनी फेल हैं डायलिसिस पर जी रहे हैं

क्या प्रेमानंद जी महाराज को संस्कृत पढ़ना नहीं आता।

जगद्गुरु भट्टाचार्य जी ने कहा की प्रेमानंद जी को संस्कृत पढ़ने नहीं आता जबकि सभी भगवान के नाम संस्कृत में ही है और वह स्वयं राधा – राधा का जाप करते हैं और “ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः” इस श्लोक को प्रेमानंद जी महाराज ने सबको याद करवा दिया है और यह पूरा श्लोक संस्कृत में है तो इस पर हमारे शंकराचार्य ने कहा है कि एक संत को दूसरे संत के प्रति ऐसा नहीं बोलना चाहिए हमारा काम है धर्म का प्रचार करना जो प्रेमानंद जी महाराज बहुत ही अच्छी तरीके से कर रहे हैं और उन्होंने लाखों युवाओं को प्रेम और भक्ति के तरफ मोड़ दिया है

इस विवाद पर प्रेमानंद जी ने क्या कहा

प्रेमानंद जी महाराज की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया नहीं आई है बल्कि उनके भक्त इस विवाद के बाद उनकी पुरानी वीडियो क्लिप निकाल के जोड़ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि ज्यादा अहंकार लोगों को डूबा देता है प्रेमानंद जी ने कहा था कि बड़े-बड़े तूफान बड़े-बड़े ज्ञानी और बड़े-बड़े लोग को माया अपने चपेट में ले लेती है और सब नाश कर देती है जो कि इस समय बहुत तेजी से वायरल हो रहा है और इसको लोग जगतगुरु रामभद्राचार्य से जोड़कर देख रहे हैं ।

प्रेमानंद जी महाराज

प्रेमानंद जी महाराज लाखों युवाओं को भक्ति और प्रेम से जोड़ चुके हैं और अगर उनमें कोई कमी भी है, अगर उन्हें संस्कृत नहीं आती है तो उनको बिना संस्कृत आए उनके पास करोड़ों युवा करोड़ों लोगों की तादाद है जिनको उन्होंने भक्ति मार्ग से जोड़ दिया, अगर कोई साधु संत ऐसा है जिसको बहुत ही ज्यादा संस्कृत का ज्ञान है और वह लोगों को सही रास्ते नहीं दिखा सकते तो उस संस्कृत का कोई मतलब नहीं है। हम सभी भक्तजनों को सभी गुरुओं का आदर करना चाहिए और भक्ति मार्ग के प्रति अपने आप को समर्पण करना चाहिए हमें किसी भी गुरु का विरोध नहीं करना चाहिए सब अपने जगह स्वयं और सटीक रहते हैं तो इसी बात पर बोलिए राधे-राधे।

निष्कर्ष

इस विवाद से भक्तों को दूर रहना चाहिए और अपने गुरुओं का आदर करते हुए भक्ति से जुड़े रहना चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए । प्रेमानंद जी महाराज लाखों युवाओं लाखों लोगों के दिल पर राज करते हैं । जगतगुरु रामभद्राचार्य जी भी लाखों लोग युवाओं के दिलों पर राज करते हैं तो हमें दोनों लोगों का सम्मान करना चाहिए और भक्ति मार्ग के प्रति जुड़े रहना चाहिए इसमें हमें किसी के पक्ष में नहीं खड़ा होना है क्योंकि हर गुरु अपनी जगह सही होता है अगर हम एक गुरु के पक्ष में खड़े होते है तो हम स्वयं दूसरे गुरु के विपक्ष में खड़े हो जाएंगे इससे बचना है और प्रतिदिन राधा नाम का जाप करना है ।

Comments

2 responses to “प्रेमानंद जी महाराज के बारे में क्या कह दिया जगतगुरु भद्राचार्य ने”

  1. […] लोग प्रेमानंद जी महाराज के साथ फोटो Ai से बनाकर […]

  2. Prince Goyal Avatar
    Prince Goyal

    Goyal ji

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