यह प्रश्न हाल ही में एक भक्त ने प्रेमानंद जी से पूछा एकांतिक वार्तालाप में जिसका जवाब बहुत ही सुंदर तरीके से महाराज जी ने बताया तो वह भक्त एकांकी वार्तालाप के लिए प्रेमानंद जी महाराज के समक्ष बैठा था और उसने यह प्रश्न किया
भक्त द्वारा पूछा गया सवाल की महाराज जी के पास कितनी संपत्ति है
भक्त प्रेमानंद जी महाराज से यह प्रश्न पूछने के साथ ही उसने एक बहुत ही बड़े संत का उदाहरण भी दिया कि वह बताते हैं कि उनके पास इतनी संपत्ति है इतनी धन दौलत है इतनी गाड़ी है इतनी घर है और यह सारे भक्तो द्वारा दिया गया है तो उनके उदाहरण देते हुए भक्ति प्रेमानंद जी महाराज से पूछा कि महाराज आपके पास क्या है आपकी संपत्ति क्या है आपकी धन दौलत क्या है।
प्रेमानंद जी महाराज एक ऐसे संत हैं जिनके पास कुछ भी संपत्ति नहीं है ना ही उनकी कोई बहुत बड़ी कोठी है ना ही कोई बहुत बड़े मंदिर के वह पुजारी है वह सिर्फ राधा रानी जी के भक्त हैं और वह लोगों को सिर्फ नाम जप करने की सलाह देते हैं जिससे लोगों को ना ही कोई छल की शंका होती है क्योंकि वह खुद एक संत है और वह संत जीवन अपना चुके हैं और लोगों को सलाह देते है कि वह नाम जपत करते हुए अपना सब काम करते हुए भगवत प्राप्ति के रास्ते पर चले वह किसी को भी यह नहीं करते कि आप साधु ही बन जाइए आप बाबा बन जाइए नहीं आप अपना कार्य करते हुए नाम जप कीजिए जिससे आपको एक राह देखोगी जिससे आप भगवत प्राप्ति के लिए तैयार हो जाओगे
प्रेमानंद जी महाराज का उत्तर
इस बात का जवाब देते हुए प्रेमानंद जी महाराज ने कहा कि उनका धन दौलती और संपत्ति सब नाम जप है और भगवत प्राप्ति है , महाराज जी ने यह बताया कि तीन ही उनका दौलत है कृपा, नामजप और भगवत प्राप्ति जो उनके साथ ही चला जाएगा क्योंकि प्रेमानंद जी महाराज सबको प्रेरित भी करते हैं कि वह नाम जप करें जिससे उनको कृपा होगी और फिर भगवत प्राप्ति होगी तो उनका मानना है की सबसे बड़ी धन दौलत और संपत्ति तो यही है ।
महाराज जी का सबसे बड़ा सलाह यही होता है कि वह नाम जप करें जिससे उनको एक ऐसी धन की प्राप्ति होगी जो कभी भी उनके साथ छोड़कर नहीं जाएगी और नाम जब एक ऐसा माध्यम है जो आपको दुनिया की सारी अन्य प्रॉब्लम से अलग कर देती है अगर आपका दिमाग खाली है तो आपकी दिमाग में हजारों फालतू के चीज चलती रहेंगे जिससे आपका रास्ता भटकाव होगा और आप सही मार्ग से भटक जाएंगे जिससे बचने के लिए आपको नाम जप करना चाहिए क्योंकि नाम जब आप करेंगे तो आपका ध्यान प्रभु में लगेगा और आपके दिमाग में नाम जब चलेगा तो आप उस चीजों से दूर रहेंगे
निष्कर्ष
ओवरऑल बात करें कि प्रेमानंद जी महाराज की संपत्ति तो यही है कि वह प्रभु में मान्यता रखते हैं नाम जप करते हैं और भगवत प्राप्ति की चाह रखते हैं तो प्रेमानंद जी महाराज साक्षात भगवान का रूप है क्योंकि हजारों लाखों लोगों की बातों को मानते हैं उनके बताएं रास्ते पर चलते हैं कितने लोगों का उन्होंने जीवन सुधार दिया हम जैसे तमाम लोग उनको रोज सुनते हैं उनकी बातों को फॉलो करते हैं और गुरु जी के पास हर एक प्रश्न का ऐसा सटीक जवाब होता है जो आपको कहीं और नहीं मिलेगा तो प्रेमानंद जी महाराज की संपत्ति सिर्फ नाम जब और भगवत प्राप्ति है

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